नी
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नी ($फा.प्रत्य.)-के योग्य, जैसे-'कर्दनीÓ-करने के योग्य, 'गुफ़्तनीÓ-कहने के योग्य।नीज़ ($फा.अव्य.)-भी, अपि; और, अथवा।
नीबस्त ($फा.पु.)-छप्पर।
नीम: ($फा.वि.)-आधा, अर्ध, अद्र्घ; एक प्रकार का ऊँचा पाजामा।
नीम:आस्तीं ($फा.पु.)-दे.-'नीमआस्तींÓ।
नीम ($फा.वि.)-आधा, अद्र्घ, निस्$फ; अल्प, न्यून, थोड़ा।
नीमआस्तीं ($फा.पु.)-एक प्रकार का कुर्ता जिसकी आस्तीनें छोटी होती हैं।
नीमकश ($फा.वि.)-कम खींचकर चलाए हुए धनुष का तीर जो शरीर में से पार न हो सके, वह बाण जो आधा शरीर में हो, आधा बाहर।
नीमकार: ($फा.वि.)-अधूरा, अपूर्ण, ना$िकस।
नीमकार ($फा.वि.)-वह कारीगर जो दूसरों के औज़ार से काम करे तथा मजदूरी में से उसे हिस्सा दे।
नीमकुश्त: ($फा.वि.)-अधमुआ, जिसका गला काटकर छोड़ दिया गया हो और वह तड़प रहा हो।
नीमख़्ाुर्द: ($फा.वि.)-आधा खाया हुआ, जूठा, जूठन, उच्छिष्ट, भुक्तशेष।
नीमख़्ोज़ ($फा.वि.)-किसी के सम्मानार्थ आधा खड़ा होना।
नीमख़्वाब ($फा.वि.)-अर्धसुप्त, वह आँख जिसमें कच्ची नींद से जगा देने की-सी लालिमा और मस्ती हो।
नीमख़्वाबी ($फा.स्त्री.)-कच्ची नींद से जागने की स्थिति या कै$िफयत, कच्ची नींद।
नीमगर्म ($फा.वि.)-आधा गर्म अर्थात् गुनगुना, कदुष्ण, कवोष्ण, जो न बहुत गर्म हो न बहुत ठण्डा।
नीमगुफ़्त: ($फा.वि.)-आधा कहा हुआ, जो बात कुछ कही जा चुकी हो और कुछ अभी कहनी बा$की हो।
नीमच: ($फा.पु.)-छोटी तलवार, खड्गपुत्री, कटार।
नीमजाँ ($फा.वि.)-मरणासन्न, मृतप्राय:, आसन्नमृत्यु, अधमुआ, जो मरने के निकट हो।
नीमजोश ($फा.वि.)-अध-उबली चीज़, वह चीज़ जो आधी उबाली गई हो।
नीमतस्लीम ($फा.वि.)-एक प्रकार का प्रणाम अथवा सलाम जिसमें थोड़ा झुककर हाथ पेट तक ले जाते हैं।
नीमदस्त ($फा.वि.)-बड़े लोगों के बैठने की मस्नद (तकिया लगाकर बैठने की जगह), छोटी मस्नद; गाव तकिया, बड़ा गोल तकिया।
नीमदस्ती ($फा.स्त्री.)-दे.-'नीमदस्तÓ।
नीमनिगाह ($फा.स्त्री.)-तिरछी-निगाह, कटाक्ष-पात, कनखियों से देखना (अक्सर प्रेमिका की निगाहों के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है)।
नीमनिगाही ($फा.स्त्री.)-तिरछी नजऱों से देखने का भाव, कनखियों से देखने का भाव।
नीमपुख़्त: ($फा.वि.)-अधपका, अद्र्घपक्व, जो पूरी तरह से परिपक्व न हुआ हो, जो पूरा पका न हो।
नीमपुख़्त ($फा.वि.)-दे.-'नीमपुख़्त:Ó।
नीमबाज़ ($फा.वि.)-आधा खुला हुआ, विशेषत: आधी खुली हुई आँख, नशीली आँख।
नीमबिरिश्त ($फा.वि.)-आधा भुना हुआ; आधा उबला हुआ, जैसे-'नीम बिरिश्त अण्डाÓ अर्थात् आधा उबला अण्डा।
नीमबिरियाँ ($फा.वि.)-अधजला, आधा भुना हुआ।
नीमबिस्मिल ($फा.वि.)-दे.-'नीम कुश्त:Ó।
नीम मस्त ($फा.वि.)-अद्र्घमत्त, जिसे मस्ती के साथ कुछ-कुछ होश भी हो।
नीमरस ($फा.वि.)-जो मेवा अभी पूरे तौर पर पका न हो, अधपका।
नीमराज़ी ($फा.वि.)-अर्ध-सहमत, जो कुछ-कुछ रज़ामंद अथवा सहमत हो मगर पूरी तरह राज़ी न हो।
नीमरिज़ा (अ.$फा.स्त्री.)-अर्ध-सहमति, आधी रज़ामंदी।
नीमरुख़्ा ($फा.वि.)-मुख अथवा चेहरे के एक पाश्र्व का चित्र या तस्वीर।
नीमरोज़ ($फा.पु.)-दोपहर, मध्याह्नï।
नीमवा ($फा.वि.)-अधखुला, आधा खुला, आधा खुला और आधा बन्द।
नीम शगुफ़्त: ($फा.वि.)-अद्र्घ-मुकुलित, जो फूल आधा खिल गया हो, (ला.)-अंकुरित यौवना, जो लड़की युवावस्था की ओर बढ़ रही हो।
नीमशब ($फा.स्त्री.)-अद्र्घरात्रि, आधी रात।
नीमशबी ($फा.वि.)-आधी रात का, अद्र्घ-रात्रि के समय होनेवाला, आधी रात से सम्बन्धित।
नीम शिकस्त: ($फा.वि.)-आधा टूटा हुआ।
नीमसुफ़्त: ($फा.वि.)-आधा पिरोया हुआ।
नीमसेर ($फा.वि.)-अद्र्घतृप्त, जिसका पेट कुछ-कुछ भर गया हो मगर पूरी तरह से तृप्त न हुआ हो; जिसकी इच्छा अभी कुछ-कुछ बा$की हो।
नीमसोख़्त: ($फा.वि.)-अद्र्घदग्ध, आधा जला हुआ।
नीयत (अ.स्त्री.)-विचार, इरादा, संकल्प; ध्यान, ख़्ायाल; आशय, मक़्सद।
नीयते बद (अ.$फा.स्त्री.)-बुरा इरादा, बुरा आशय।
नीरान (अ.स्त्री.)-'नारÓ का बहु., अग्नियाँ।
नीरू ($फा.पु.)-बल, शक्ति, ज़ोर।
नील: ($फा.पु.)-सुरा गाय, नील गाय।
नीलगाव ($फा.पु.)-नील गाय, नीला।
नीलगूँ ($फा.वि.)-नीले रंग का।
नील$फाम ($फा.वि.)-नीले शरीरवाला, कृष्ण।
नीलम ($फा.पु.)-नीलमणि, नीलकान्त, शनिप्रिय, नीले रंग का एक प्रसिद्घ रत्न।
नीली ($फा.वि.)-नीले रंग का।
नीली$फाम ($फा.वि.)-नीले रंग का आकाश।
नीलीरवा$क ($फा.पु.)-जिसकी छत नीली हो अर्थात् आकाश।
नीलां$फर ($फा.पु.)-कुमुद, नीलोत्पल, कुईं।
नीलां$फरे आफ़्ताबी ($फा.पु.)-पद्म, कमल, कँवल का फूल, अंभोज, पुष्कर, नीरज, पंकज, अरविन्द, राजीव, तामरस, सरसीरुह।
नीलो$फरे माहताबी ($फा.पु.)-कुमुद, कुमुदनी।
नीवश ($फा.स्त्री.)-कान में डाली बात।
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